भारत सरकार ने बजट 2026-27 में पर्यटन सेक्टर को मज़बूत और युवा-दृष्टि वाला बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत एक नई पहल और पायलट स्कीम की घोषणा की गई है जिसका नाम टूरिस्ट गाइड पायलट स्कीम रखा गया है। इस योजना के जरिए देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर काम करने वाले युवाओं को कुल 10,000 पर्यटन गाइड्स की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे अपने क्षेत्र के बारे में बेहतर जानकारी दे सकें और पर्यटन के स्तर को विश्व-स्तरीय बना सकें।
इस लेख में हम सरल भाषा में जानेंगे कि यह योजना क्या है, इससे युवाओं को क्या लाभ मिलेगा, क्या ट्रेनिंग दी जाएगी, और यह कैसे भारत के पर्यटन क्षेत्र को आगे बढ़ाएगी।
टूरिस्ट गाइड पायलट स्कीम क्या है?
टूरिस्ट गाइड पायलट स्कीम एक सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम है जिसे केंद्रीय बजट 2026-27 में पेश किया गया है। इसके अंतर्गत देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर काम करने वाले गाइडों को 12 हफ्तों की उच्च गुणवत्ता वाली ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ट्रेनिंग Indian Institute of Management (IIM) के सहयोग से चलायी जाएगी और इसमें गाइडों को बेहतर पेशेवर बनाना शामिल है।
इस योजना का मूल उद्देश्य यह है कि भारत के पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव, सुरक्षित यात्रा निर्देश और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक जानकारी देने में प्रशिक्षित गाइड मदद कर सकें।
यह पायलट स्कीम क्यों शुरू की जा रही है?
भारत में पर्यटन एक बड़ा रोजगार और आर्थिक संवर्धन का स्रोत बन रहा है। पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू पर्यटन में तेजी देखी गई है। हालांकि, पर्यटन सेवा की गुणवत्ता कहीं-कहीं एक स्तर से ऊपर नहीं जा पाई है, खासकर गाइड सेवाओं में। यही वजह है कि सरकार ने गाइडों को पेशेवर बनाना और उनकी कौशल क्षमता बढ़ाना जरूरी माना है।
सरकार का लक्ष्य है कि भारत जैसे बड़े देश में जहां लाखों पर्यटक आते हैं, वहां प्रत्येक गाइड की जानकारी, भाषा कौशल और मार्गदर्शन कौशल विश्व-स्तरीय हो।
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ट्रेनिंग का ढांचा और अवधि
यह ट्रेनिंग प्रोग्राम लगभग 12 हफ्तों का है। इसमें शामिल होंगे:
- हाइब्रिड ट्रेनिंग (Hybrid Training) – यानी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से शिक्षा मिलेगी
- कम्युनिकेशन स्किल्स – बेहतर भाषा और संवाद कौशल
- इतिहास और संस्कृति का ज्ञान – स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर की जानकारी
- डिजिटल टूल्स का उपयोग – जैसे मैप, टूर अप्लिकेशन्स और सोशल मीडिया
- टूरिस्ट सेफ्टी और व्यवहार कौशल – यात्रियों के साथ व्यवहार और सहायता
यह ट्रेनिंग गाइडों की कुल क्षमता को विश्व-स्तर पर ले जाने में मदद करेगी।
किसे मिलेगा लाभ?
इस स्कीम का मुख्य लाभ उन लोगों को मिलेगा जो:
- पहले से पर्यटन स्थलों पर गाइड के रूप में काम कर रहे हैं।
- पर्यटन क्षेत्र में काम करना चाहते हैं।
- भाषा और इतिहास के ज्ञान को विस्तारित करना चाहते हैं।
- बेहतर करियर और रोजगार अवसर ढूंढ रहे हैं।
पायलट योजना की शुरुआत से पहले यह माना जाता है कि स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण में विशेष प्राथमिकता मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
सरकार का व्यापक लक्ष्य
सरकार का यह कदम केवल गाइड को प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक लक्ष्य है:
- भारतीय पर्यटन अनुभव को विश्व-स्तरीय बनाना
- बेरोज़गारी कम करना
- स्थानीय युवाओं को स्थानीय संसाधनों के साथ रोजगार देना
- ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों का बेहतर प्रचार और संरक्षण
- भारत को वैश्विक पर्यटन गंतव्य की रूप में स्थापित करना
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योजना से जुड़ी मुख्य जानकारी – तालिका में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | टूरिस्ट गाइड पायलट स्कीम |
| घोषित किया गया | बजट 2026-27 |
| ट्रेनिंग संस्था | IIM (Indian Institute of Management) |
| ट्रेनिंग अवधि | 12 हफ्ते |
| स्थलों की संख्या | 20 प्रमुख पर्यटन स्थल |
| प्रशिक्षित गाइडों का लक्ष्य | 10,000 युवा गाइड्स |
| ट्रेनिंग के प्रकार | हाइब्रिड (ऑनलाइन + ऑफलाइन) |
टूरिस्ट गाइड स्कीम से रोजगार के अवसर
यह योजना उन युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है जो पर्यटन और सेवा क्षेत्र में बेहतर करियर की तलाश में हैं। प्रशिक्षित गाइड्स को न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अवसर मिल सकते हैं।
यह स्कीम खासतौर पर:
- स्थानीय पर्यटन स्थलों में रोजगार बढ़ाएगी
- भाषा और सूचना कौशल तेजी से बढ़ाएगी
- गाइडिंग को एक पेशेवर करियर ऑप्शन बनाएगी
- युवा रोजगार सृजन में मदद करेगी
पर्यटन सेवा उद्योग में trained guides की मांग हर वर्ष बढ़ रही है, खासकर जब भारत को वैश्विक हब के रूप में पेश किया जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी कहां से देखें?
इस योजना, ट्रेनिंग और पात्रता से जुड़ी आधिकारिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं:
यह वेबसाइट सभी सरकारी योजनाओं और अपडेटेड जानकारी के लिए सबसे भरोसेमंद स्रोत है।
टूरिस्ट गाइड पायलट स्कीम से जुड़े सवाल
यह योजना कब लागू होगी?
यह पायलट योजना बजट 2026-27 के हिस्से के रूप में प्रस्तावित है और जैसे ही पूरा रोडमैप तैयार होगा, सरकार इसका पालन करेगी।
ट्रेनिंग फ्री में मिलेगी?
हां, यह ट्रेनिंग पायलट स्कीम के तहत मुफ्त होगी और IIM के सहयोग से संचालित होगी।
क्या सिर्फ पहले से गाइड काम कर रहे लोग लाभ उठा सकते हैं?
नहीं, योजना में नए और इच्छुक युवा भी शामिल हो सकते हैं, बशर्ते वे पात्रता शर्तें पूरी करें।
ट्रेनिंग के बाद नौकरी की गारंटी है?
सरकार सीधे नौकरी की गारंटी नहीं देती, लेकिन प्रशिक्षण के बाद रोजगार के अवसर बहुत बढ़ जाएंगे, खासकर पर्यटन सेक्टर में।
निष्कर्ष
टूरिस्ट गाइड पायलट स्कीम भारत के पर्यटन क्षेत्र को नए सिरे से संगठित, पेशेवर और रोजगार-उन्मुख बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 12 हफ्तों की पेशेवर ट्रेनिंग से 10,000 युवाओं को कौशल मिलेगा, जिससे न सिर्फ गाइडिंग सेक्टर बेहतर होगा बल्कि भारत में पर्यटन अनुभव कल्पनीय रूप से बेहतर बन सकेगा।
यह पहल युवाओं के लिए रोजगार, भाषा कौशल, इतिहास-संस्कृति का ज्ञान और सेवा-उद्योग में बेहतर भविष्य की दिशा में एक मजबूत अवसर है — और यह भारत को वैश्विक पर्यटन के मानचित्र पर अग्रणी बनाने में मदद करेगा।